Pyari Nooni Ki Meethi-Meethi Kahaniyan by Sudha Murthy

‘‘आजी, तुम कामधेनु को यह क्यों खिला रही हो?’’
‘‘इससे उसे प्रसव में आराम मिलेगा।’’
‘‘मगर यदि वह प्रसव करने वाली है, तब हमें उसे लेकर पशु चिकित्सक के पास चलना चाहिए। तुम घर पर उसकी ठीक तरह से देखभाल नहीं कर सकती हो।’’
आजी ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया, ‘‘नूनी, हमारा पशु चिकित्सक सप्ताह में एक बार ही यहाँ आता है। इसलिए हमने तैयबा को बुलाया है। उसे इस विषय में अच्छा अनुभव है और वह एक पशु चिकित्सक के बराबर ही है।’’
जैसे ही आजा वहाँ से गुजरे, आजी ने उनसे कहा कि देखना, कामधेनु दूसरी गायों के साथ बाहर न जाए और उसके लिए हरी घास का इंतजाम कर देना। हमें उसके प्रसव के लिए उसके शेड की भी अच्छी तरह सफाई करवा देनी चाहिए। बाद में हमें पैदा होने वाले बछड़े की सफाई के लिए एक बड़े ड्रम में पानी की भी जरूरत होगी।
आजा ने सहमति से अपना सिर हिलाया।
—इसी संग्रह से

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorSUDHA MURTHY
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2016
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789386231703′
Publication CategoryPremium Books

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