Bhojpuri Filmon Ka Safarnama by Raviraj Patel
हिंदी के बाद शायद भोजपुरी ही एक ऐसी भाषा है, जो हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा बोली जाती है। इसलिए मैं अपनी ओर से विशेष बधाई देता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि और लोग भी भोजपुरी सिनेमा को प्रोत्साहित करेंगे। भोजपुरी सिनेमा को सबसे ज्यादा प्रोत्साहन भारत के प्रथम राष्ट्रपति बाबू डॉ. राजेंद्र प्रसादजी से मिला था। उसी क्रम में हमारे सिनेमा-जगत् के बहुत ही नामी हस्ती नजीर हुसैन साहब से भोजपुरी सिनेमा को विशेष और बहुमूल्य योगदान प्राप्त हुआ था। मैंने स्वयं भी भोजपुरी सिनेमा में काम किया है, उम्मीद करता हूँ कि मेरी तरह और भी कलाकार भोजपुरी सिनेमा में काम करेंगे। जैसा कि मैं मानता हूँ, सिनेमा की भाषा एक होती है, वह चाहे हिंदी में बने या भोजपुरी में—भावनाएँ तो एक ही होती हैं।
—अमिताभ बच्चन
बिहार बहुत ही सांस्कृतिक समृद्ध प्रदेश है, बावजूद इसके वहाँ के सिनेमा से कुछ खास निकलकर नहीं आ रहा है। भोजपुरी भाषी होने के नाते मैं भी चाहता हूँ कि भोजपुरी सिनेमा में काम करूँ, लेकिन अब तक वैसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला, जिसमें काम करके बहुत धन न सही, पर आत्मसंतुष्टि मिले।
—मनोज वाजपेयी
| Publication Language |
Hindi |
|---|---|
| Publication Access Type |
Freemium |
| Publication Author |
RAVIRAJ PATEL |
| Publisher |
Prabhat Prakashana |
| Publication Year |
2015 |
| Publication Type |
eBooks |
| ISBN/ISSN |
9789351862031' |
| Publication Category |
Premium Books |
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