Mook Gawah by Pushplata Taneja

समाज में कानून-व्यवस्था भंग करनेवालों को एकत्रित प्रमाणों के साथ न्यायालय में न्याय के लिए प्रस्तुत करना अपराध अन्वेषण कार्य में लगे विशेषज्ञों का मुख्य कार्य है। मामलों की तहकीकात में गवाहों की आधार-भूमिका होती है। प्रत्येक प्रकरण में चश्मदीद गवाह नहीं मिल पाते अथवा किन्हीं कारणों से न्यायालय में विशेष सहयोग नहीं दे पाते। अपराधी की तो कोशिश होती है कि पकड़े जाने की संभावना ही न रहे, परंतु चालाक-से-चालाक अपराधी भी घटना-स्थल पर अपराध-प्रकरण का कोई-न-कोई सबूत अवश्य छोड़ जाता है। ऐसे भौतिक साक्ष्य वैज्ञानिक विश्‍लेषणों के तहत अपराधी तक पहुँचने में बहुत उपयोगी होते हैं। ये साक्ष्य मूक होते हैं, जिन तक पहुँचने में तहकीकात करनेवाले का निपुण होना आवश्यक है। दुर्भाग्य है कि दर्शक इन साक्ष्यों को अनजाने में नष्‍ट कर देते हैं और अपराधी बच निकलते हैं। उपस्थित नागरिक अपराध से संबंधित छोटे-से-छोटे साक्ष्य की भूमिका को स्वीकारें, ताकि उनकी गवाही का लाभ अपराध अन्वेषण में उठाया जा सके। पुस्तक के विषय का रोजमर्रा के जीवन में विशेष महत्त्व है। लेखिका ने इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को संदेश दिया है कि आपराधिक मामलों में छोटे-से-छोटे साक्ष्य के महत्त्व को जानें और उन्हें नष्‍ट न होने दें।

Publication Language

Hindi

Publication Access Type

Freemium

Publication Author

PUSHPLATA TANEJA

Publisher

Prabhat Prakashana

Publication Year

2010

Publication Type

eBooks

ISBN/ISSN

9789380186276'

Publication Category

Premium Books

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