Aakarshan Ka Niyam by William Walker Atkinson

अपने आपको काम में व्यस्त कीजिए और अपने जीवन को एक स्वरूप दीजिए। यह मत सोचिए कि कुछ करने से पहले आपको ब्रह्मांड की तमाम पहेलियों को सुलझाना जरूरी है। उन पहेलियों की चिंता मत कीजिए और अपने सामने पड़े काम पर ध्यान दीजिए। अपने अंदर छिपे उस महान् जीवन-सिद्धांत को उसमें लगा दीजिए, जो प्रकट होने के लिए लालायित है। इस भ्रम में मत रहिए कि आपके शिक्षक या गुरु ने उस पहेली को सुलझा लिया है। यदि कोई उसे सुलझा लेने की बात करता है तो वह झूठ बोल रहा है और साहस बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
अबूझ पहेलियों और सिद्धांतों की चिंता मत कीजिए, काम कीजिए और जीना शुरू कीजिए। इन सिद्धांतों के बुलबुलों को फोड़ने का सबसे नायाब तरीका है—हँसना। हँसी एक ऐसी चीज है, जो हमें पागलपन से बचाती है। हास्य रस इनसान के लिए प्रभु का सर्वोत्तम उपहार है।
चाँद बनना छोड़ दीजिए; प्रतिबिंब बनाना बंद कर दीजिए। काम करने के लिए सक्रिय हो जाइए और अपने आपको सूर्य बनाइए। यह आपकी शक्ति है। हर व्यक्ति के अंदर सूर्य बनने के गुण होते हैं। कार्य प्रारंभ कीजिए और खुद को प्रकट कीजिए। अपनी रीढ़ को मजबूत और सिर को ऊँचा कीजिए।
—इसी पुस्तक से
——1——
अपने भीतर छिपी शक्ति और मानसिक दृढ़ता को पहचानकर सफलता के द्वार खोलनेवाली प्रेरक पुस्तक।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorWilliam Walker Atkinson
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2019
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789353225346′
Publication CategoryPremium Books

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