Archimedes by Vinod Kumar Mishra

सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आर्कमिडीज का जन्म ई.पू. 275 में यूनान के पास सायराक्यूज शहर में हुआ था। उनके पिता एक प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थे, जिन्होंने आर्कमिडीज को गणना करना सिखाया। शीघ्र ही वे गणित में पारंगत हो गए। उस समय के उत्कृष्‍ट शिक्षा केंद्र अलेक्जेंड्रिया से शिक्षा प्राप्‍त कर वे सायराक्यूज लौट आए थे।
आर्कमिडीज ने एक के बाद एक आविष्कार किए। पानी के टब में नहाते-नहाते ही उन्होंने ‘उत्प्लावन बल’ की खोज कर डाली। लीवर और घिरनियों का उनका सिद्धांत बड़ा ही उपयोगी सिद्ध हुआ। उस जमाने में ही उन्होंने एक उत्कृष्‍ट सैन्य जलयान तैयार करके दिखाया, जो दो हजार वर्षों तक सबसे बड़ा और अनूठा बना रहा। आश्‍चर्य की बात है कि आज से 2200 वर्ष पूर्व आर्कमिडीज ने सौर ऊर्जा के महत्त्व को समझ लिया था।
ब्रह्मांड की कल्पना कर उन्होंने एक अद्भुत शोध-ग्रंथ लिखा तथा खगोलीय पिंडों की कल्पना की। उनकी दो गणितीय रचनाएँ बड़ी प्रसिद्ध हैं—‘स्टोमैकियन’ तथा ‘द कैटल प्रॉब्लम’।
आर्कमिडीज अपने जीवनकाल में अपने चमत्कारी आविष्कारों से सभी के आकर्षण का केंद्र बने रहे, पर मृत्यु के पश्‍चात् वे कवियों की रचनाओं का केंद्रबिंदु बन गए।
अद्‍भुत वैज्ञानिक आर्कमिडीज के जीवन और उनके आविष्कारों का प्रामाणिक विवरण देती प्रेरणाप्रद जीवनी।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorVinod Kumar Mishra
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2016
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789384343002′
Publication CategoryPremium Books

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