Bharat Mein Digital Kranti by Pradeep Thakur
अंकीय क्रांति (डिजिटल रेवोल्युशन) को ‘तीसरी औद्योगिक क्रांति’ के रूप में जाना जाता है। यह सादृश्य (एनालॉग), यांत्रिक (मेकैनिकल) व विद्युत् (इलेक्ट्रॉनिक) प्रौद्योगिकियों से अंकीय प्रौद्योगिकी (डिजिटल टेक्नोलॉजी) में बदलाव की क्रांति है।
भारत सरकार ‘डिजिटल इंडिया’ को अंकीय रूप से सशक्त समाज व ज्ञान अर्थव्यवस्था के विकास के बहूद्देशीय कार्यक्रम के रूप में तेजी से आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को आई.टी. (इंडियन टैलेंट/भारतीय प्रतिभा) + आई.टी. (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/सूचना प्रौद्योगिकी) = आई.टी. (इंडिया टुमारो/ कल के भारत) के रूप में अनोखे तरीके से परिभाषित किया था। ‘डिजिटल इंडिया’ परियोजना को तब भारी बल मिला था, जब 11 मार्च, 2016 को, ‘आधार (वित्तीय व अन्य अनुवृत्तियाँ, लाभों व सेवाओं की लक्षित पहुँच) अधिनियम, 2016’ लोकसभा में पारित किया गया था। उसके बाद 8 नवंबर, 2016 को विमुद्रीकरण और 1 जुलाई, 2017 से वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) को लागू कर भारत सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’ के महत्त्वाकांक्षी सपने को साकार करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाया। इस प्रकार भारत में ‘अंकीय क्रांति’ तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी इसकी राह में कई चुनौतियाँ हैं।
विश्वास है कि ‘भारत में डिजिटल क्रांति’ सभी सुधी पाठकों को इससे जुड़ी जटिल प्रक्रिया को समझने में भरपूर मदद करेगी।
| Publication Language |
Hindi |
|---|---|
| Publication Access Type |
Freemium |
| Publication Author |
Pradeep Thakur |
| Publisher |
Prabhat Prakashana |
| Publication Year |
2018 |
| Publication Type |
eBooks |
| ISBN/ISSN |
9789380839943' |
| Publication Category |
Premium Books |
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