Mujhe Banna Hai Super Ameer by Pradeep Thakur

जिस व्यक्ति विलियम बर्नेट बेंटन से मिलनेवाले हैं, वह भी शुरू-शुरू में हमारे-आपके जैसा जनसाधारण ही था, लेकिन बाद में विज्ञापन अभिकरण (एडवरटाइजिंग एजेंसी) का सह-संस्थापक बना, फिर कनेक्टिकट राज्य से संयुक्त राज्य अमेरिका का सीनेट सदस्य और अंत में इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका का एकमात्र स्वामी (सोल ओनर) व प्रकाशक (पब्लिशर) बना। अखबार-पत्रिकाओं में विलियम बेंटन के व्यक्तित्व की तुलना धीमी आवाज में घूमनेवाले डायनेमो यानी बिजली उत्पादक यंत्र से की जाती थी। मतलब, बेंटन लगातार उच्च ऊर्जा तो उत्पन्न करनेवाला डायनेमो जैसा व्यक्ति था, लेकिन उसके व्यक्तित्व से उच्च विद्युत् के आतंकित करनेवाले झटके नहीं निकलते थे। बड़ी उपलब्धि हासिल करनेवाले अधिकांश व्यक्तियों से उलट बेंटन का जीवन आमतौर पर शांत, धीमा व व्यवस्थित था। उसकी उपलब्धि चौंकनेवाली नहीं थी, बल्कि सबकुछ एक क्रम में कदम-दर-कदम आगे बढ़ता हुआ था। इसके कोई शक नहीं कि उसने बड़े-बड़े जोखिम उठाए थे। उसे अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत में ही यह समझ आ गई थी कि वेतन से कोई भी धनी नहीं बन सकता। यही कारण था कि उसने स्वेच्छा से तथाकथित सुरक्षित नौकरी छोड़ दी थी और स्व-रोजगार (सेल्फ एंप्लॉयमेंट) के डरावने क्षेत्र को अपनाने का बड़ा जोखिम उठाया था।
—इसी पुस्तक से

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorPradeep Thakur
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2018
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789380839950′
Publication CategoryPremium Books

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