Lakshya(Aim) by P.K. Arya

लक्ष्य एक छोटा सा बिंदु है, जिसके केंद्र में जीवन की सारी सफलताओं का स्रोत मौजूद है। इस बिंदु को लक्ष्य करके हर व्यक्‍ति अर्जुन की भाँति चिड़िया की आँख भेद सकता है। लक्ष्य का पथ बेशक कंटकपूर्ण है, लेकिन गंतव्य फूलों भरा और स्वागतपूर्ण है। जो व्यक्‍ति अपने लक्ष्य को पा लेता है, वही पूजित होता है वही मान्य होता है और वही इतिहास में अपना नाम दर्ज कराता है।
अगर आपका लक्ष्य माउंट एवरेस्ट फतेह करना है तो बीच रास्ते से लौटने पर आपका स्वागत नहीं होगा। इसके लिए लक्ष्य भेदना ही जीवन का उद‍्देश्‍य बनाना होगा। याद रखें, जब कोई लक्ष्य निर्धारित किया जाता है तो बाधाओं का आना स्वाभाविक है, लेकिन जो व्यक्‍ति इन बाधाओं पर विजय पा लेता है, वही सफल होता है। यह भी जान लें कि बाधाएँ तभी उपस्थित होती हैं, जब हम लक्ष्य के प्रति एकाग्र और स्थिर नहीं होते—तभी बाधाएँ हमें भटका पाती हैं।
प्रस्तुत पुस्तक ‘लक्ष्य’ की ओर बढ़ते और बढ़ने के जिज्ञासुओं के लिए एक गाइड के रूप में काम आ सकती है। एक अनमोल व लक्ष्य-नियंता पुस्तक!

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorP.K. ARYA
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2013
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789350484388′
Publication CategoryPremium Books

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