Oscar Wilde Ki Lokpriya Kahaniyan by Oscar Wilde

लेकिन युवा मछुआरे ने हँसकर कहा, ‘‘प्रेम ज्ञान से बेहतर होता है और छोटी मत्स्यकन्या मुझसे प्रेम करती है।’’
‘‘नहीं। ज्ञान से बढ़कर और कुछ नहीं होता।’’ आत्मा ने कहा।
‘‘प्रेम बेहतर है।’’ युवा मछुआरे ने जवाब दिया। वह वापस समुद्र की गहराई में कूद गया और उसकी पुरुषरूपधारी आत्मा रोती हुई दलदल की तरफ चली गई।
जब दूसरा साल खत्म हुआ तो उसकी आत्मा एक बार फिर समुद्र तट पर आई। उसने फिर युवा मछुआरे को पुकारा तो वह गहराई से ऊपर आकर बोला, ‘‘तुमने मुझे क्यों बुलाया?’’
आत्मा ने जवाब दिया, ‘‘पास आओ, ताकि मैं तुमसे बात कर सकूँ। मैंने बहुत सी आश्‍चर्यजनक चीजें देखी हैं।’’
वह पास आकर उथले पानी में लेट गया। उसने अपना सिर अपने हाथ पर टिका लिया और सुनने लगा।
—इसी संग्रह से

विश्व प्रसिद्ध उपन्यासकार, कवि एवं कहानीकार ऑस्कर वाइल्ड एक संवेदनशील इनसान थे। उनकी कहानियों में मानव जीवन की गहरी अनुभूतियाँ हैं, आपसी रिश्तों के रहस्य हैं, पवित्र सौंदर्य की अलौकिक व्याख्या है तो मानव धड़कनों के तारतम्य को अद्भुत बतकही शैली में व्यक्त किया गया है। पठनीयता से भरपूर रोचक कहानियाँ।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorOscar Wilde
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2016
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789383111381′
Publication CategoryPremium Books

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