Parvat Aisi Raat by Keshari Nath Triipathi

प्रत्येक व्यक्ति में कहीं-न-कहीं कवि छिपा रहता है। व्यक्ति के मन की गुनगुनाहट ही उसका कवित्व है। कविता की एक विशेषता है, वह सहसा आती है और यदि रुक न पाई तो सहसा ही ऐसी लुप्त होती है कि उसकी पंक्तियाँ और स्वरूप को फिर पकड़ पाना कठिन हो जाता है। तब कवि-मन को छटपटाहट होती है। वह विकल्प से मूल भावनाओं की पूर्ति करता है। वहीं कविता कवि की व्यक्तिगत चिंतनधारा से जुड़ जाती है। न कोई निश्चित स्थान, न निर्धारित परिवेश, कवि किसी भी समय, कहीं भी और कभी भी पहुँच जाता है—चाहे सप्रयास, चाहे अनायास।
विभिन्न कालखंडों और परिस्थितियों में परिलक्षित मानस, कल्पना-लोक, स्वप्नों के आयाम, हर्ष, वेदना, आक्रोश, आशा, निराशा, सौंदर्य, संघर्ष, शांति, जीवन के शाश्वत मूल्य, अध्यात्मोन्मुख भाव, विराट् तक पहुँचने की साध, ईश्वर, सृष्टि, प्रकृति, अंतर्मन की ध्वनि, यथार्थ, मानव की जीवंतता, जिजीविषा आदि सदैव से काव्य की विषयवस्तु रहे हैं। यही कविता को विविधता प्रदान करते हैं।
वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार श्री केशरी नाथ त्रिपाठी की इन कविताओं में दु:ख-सुख, आशा-निराशा, पीड़ा-प्रसन्नता आदि जीवन के तमाम अनुभव हैं, पर स्वयं में जीवन नहीं। जीवन का नाम है—कर्म और उपलब्धि के लिए प्रयास। इसी प्रकार अनुराग, स्नेह, प्रेम व प्यार के अलग-अलग रंग हैं। इस संकलन में ऐसे सभी रंगों की छटा बिखरी है।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorKESHARI NATH TRIIPATHI
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2016
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789351865902′
Publication CategoryPremium Books

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