Phir Ek Dopahar Aur Anya Kahaniyan by Sanjeev Sanyal

उस भारत की एक मनोरंजक और अचरज भरी यात्रा, जिसे आप सोचते थे कि आप जानते हैं।_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x000D_
‘भारतीय भूगोल का संक्षिप्त इतिहास’ के लोकप्रिय लेखक संजीव सान्याल अपनी असाधारण कहानियों से पाठकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। उनकी चिरपरिचित दिलचस्प शैली में लिखी गई उनकी कहानियाँ परिहास से भरी हैं।_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x000D_
‘मैं यहाँ हूँ अभी भी’ में इंटरनेट को बेनकाब करने निकले ढीठ ब्लॉगर को अपनी बरबादी का सामना करना पड़ता है। एक कहानी में एक युवक वित्तीय संकट के दौरान अपनी नौकरी गँवा देता है और दो बीयर के साथ अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास करता है। ‘बुद्धिजीवी’ में एक विदेशी शोधकर्ता कोलकाता के ढलती उम्र के बुद्धिजीवियों के बीच कुछ यादगार पल बिताता है। मुंबई हाउसिंग सोसाइटी की गंदी राजनीति से लेकर दिल्ली के कॉकटेल सर्किट के दंभ तक ‘दो बीयर का जीवन’ तेजी से बदलते भारत की तह तक जाता है और आपको हँसने पर विवश कर देता है।_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x005F_x000D_
रंग-बिरंगे सामाजिक परिवेश से सरोकार कराती पठनीयता से भरपूर रोचक-रोमांचक कहानियों का संकलन।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorSANJEEV SANYAL
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2018
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789352669561′
Publication CategoryPremium Books

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