Safalata Ke 501 Gurumantra by Pramod Batra

सफलता के 501 गुरुमंत्र—प्रमोद बत्रा

इस तरह तय की हैं हमने मंजिलें,
गिर गए, गिरकर उठे, उठकर चले।
हम में से प्रत्येक महान् कार्य कर सकता है। सफलता की राह में मुश्किलें आती हैं, गिर-गिरकर सँभलना होता है और एक दिन मंजिल हमारे निकट होती है। परंतु सफलता का पहला सिद्धांत है काम—अनवरत काम। जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य को अपना घनिष्ठ मित्र, अनुभव को अपना बुद्धिमान परामर्शदाता तथा सावधानता को अपना बड़ा भाई बना लो—और आशा को अपना संरक्षक बनाना न भूलो।
सफल मनुष्य वही है जो दूसरे लोगों द्वारा अपने ऊपर फेंकी गई ईंटों से सुदृढ़ नींव और भवन खड़ा करता है। हम सबको अपने लक्ष्यों को सामने रखकर अपनी स्वयं की सफलताओं-विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए और अपनी गलतियों को सुधारकर पुन:-पुन: आगे बढ़ना चाहिए।
विद्वान् लेखकद्वय ने प्रस्तुत पुस्तक में जीवन की सफलता के 501 गुरुमंत्रों को सँजोया है। जैसे—
â जो भी करना है, अभी करें।
â अपने समय का धन की तरह प्रबंधन करें।
â समस्याओं को दबाएँ, अवसरों को उभारें।
â प्रशंसा सार्वजनिक रूप से करें, निंदा अकेले में करें।
â जरूरतें खत्म हो सकती हैं, लालच नहीं।
आशा है, सुधी पाठक इन गुरुमंत्रों का अध्ययन-चिंतन कर अपने जीवन को नई दिशा प्रदान करेंगे।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorPRAMOD BATRA
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2011
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9788173157196′
Publication CategoryPremium Books

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