Sapne Karo Sakaar by Vickrant Mahajan

एक बार आप खुद को विस्तार देते हुए सही दिशा में कदम उठाएँ तो आपका जीवन स्वत: दिन-ब-दिन अधिक बड़ा, बेहतर और ऊँचा मुकाम पाता जाएगा। जैसा कि रॉबर्ट एच. शुलर ने कहा था—“एक बार शुरू होने के बाद सफलता कभी रुकती नहीं, क्योंकि सफलता अनंत है। यहाँ तक कि सूरज का डूबना बीते हुए दिन का अंत नहीं है, क्योंकि वह दिन अटल इतिहास का एक हिस्सा बनते हुए शाश्वत हो चुका है।”
तो अपनी सफलता और अपने जीवन को वास्तव में आरंभ होने दीजिए; क्योंकि एक बार ऐसा होने पर वह कभी समाप्त नहीं होगा। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने आपको विकसित कीजिए। राह के हर रोड़े को अपनी सीढ़ी बना लीजिए।
अगर आप गहराई से मनन करेंगे तो जानेंगे कि और कोई नहीं, बल्कि आप ही खुद को आगे धकेलते हैं और आप ही खुद को पीछे खींचते हैं। आपके जीवन और आपकी सफलता का दायित्व पूरी तरह आप पर है। जैसा कि कहा जाता है—‘एक पहाड़ और बड़ा नहीं हो सकता, लेकिन आप हो सकते हैं!’ इसलिए अपना विस्तार करें। अपने आपको किसी भी पहाड़ से बड़ा बनाएँ और अपने सपनों को साकार करें। विश्वास कीजिए, आप यह बखूबी कर सकते हैं।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorVICKRANT MAHAJAN
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2016
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9788173158704′
Publication CategoryPremium Books

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