Sherlock Holmes Ki Lokpriya Kahaniyan by Sir Arthur Conan Doyle

होम्स ने घंटी बजाते हुए जवाब दिया, ‘‘कुछ ठंडा मीट और एक गिलास बियर हो जाए, मैं इतना व्यस्त था कि मैं खाने के बारे में सोच भी न सका और मेरी आज की शाम के भी व्यस्त रहने की संभावना है। डॉक्टर, मुझे तुम्हारे साथ की जरूरत होगी।’’
‘‘मुझे इसमें खुशी होगी।’’
‘‘तुम्हें कानून तोड़ना बुरा तो नहीं लगेगा?’’
‘‘बिलकुल नहीं।’’
‘‘गिरफ्तार होने की संभावना से भी नहीं?’’
‘‘अच्छे कारण के लिए, बिलकुल नहीं।’’
‘‘हाँ, कारण तो बहुत ही अच्छा है।’’
‘‘तब तो मैं तुम्हारा ही आदमी हूँ।’’
‘‘मुझे यकीन था कि मैं तुम पर भरोसा कर सकता हूँ।’’
‘‘मगर, तुम चाहते क्या हो?’’
—इसी संग्रह से

शेरलॉक होम्स की कहानियाँ दुनिया भर में जासूसी और साहसिक कारनामों के लिए जानी जाती हैं। कहानी के अंत तक रोमांच तथा सस्पेंस बना रहता है। बेहद पठनीय एवं रोमांच से भरपूर सर आर्थर कॉनन डॉयल सृजित पात्र शेरलॉक होम्स की लोकप्रिय कहानियों का पठनीय संग्रह।

Publication LanguageHindi
Publication Access TypeFreemium
Publication AuthorSir Arthur Conan Doyle
PublisherPrabhat Prakashana
Publication Year2018
Publication TypeeBooks
ISBN/ISSN9789383111466′
Publication CategoryPremium Books

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